हर घर हरियाली योजना हरियाणा सरकार द्वारा शुरू की गई एक पर्यावरण संरक्षण पहल है, जो जुलाई 2015 में लॉन्च हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में हर घर में पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाना है. योजना के तहत वन विभाग नागरिकों को मात्र 1 रुपये में पौधे उपलब्ध कराता है. हालांकि, 2025 तक की नवीनतम जानकारी के आधार पर इस योजना में कोई प्रमुख अपडेट या विस्तार नहीं मिला है, लेकिन हरियाणा में पर्यावरण संबंधी अन्य पहलों को जारी रखने का फैसला किया गया है. यदि योजना सक्रिय है, तो यह मानसून के दौरान पौधारोपण पर फोकस करती रहती है.
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योजना की शुरुआत और पृष्ठभूमि
यह योजना हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण असंतुलन को ध्यान में रखकर शुरू की गई थी. 2015 में वन मंत्री कैप्टन अभिमन्यू ने घोषणा की कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर में पौधे लगाए जाएंगे. पहले वर्ष का लक्ष्य 48 लाख घरों को कवर करना था, जिसमें साधारण और आयुर्वेदिक पौधे शामिल थे. योजना का नाम ‘हर घर हरियाली’ राज्य में घर-घर हरियाली पहुंचाने का संदेश देता है.
2025 में हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संबंधी योजनाओं को बजट में जारी रखा है, लेकिन ‘हर घर हरियाली’ के लिए विशिष्ट नवीनतम अपडेट उपलब्ध नहीं हैं. पड़ोसी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश में समान पहलें चल रही हैं, जहां ऊना जिले में 2025 में हर घर तक पांच पौधे पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.
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योजना के मुख्य उद्देश्य
- पर्यावरण संरक्षण: पौधारोपण से वायु प्रदूषण कम करना और पारिस्थितिक संतुलन बनाना.
- नागरिक भागीदारी: हर घर में कम से कम एक पौधा लगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करना.
- आयुर्वेदिक पौधों का प्रसार: स्वास्थ्य लाभ देने वाले पौधों को बढ़ावा देना.
- मानसून अभियान: बारिश के मौसम में पौधारोपण सुनिश्चित करना, ताकि पौधों की दर अधिक हो.
यह योजना केंद्र सरकार की 2003 की ‘हरियाली’ परियोजना से प्रेरित है, जो पंचायती राज संस्थानों को मजबूत बनाने पर केंद्रित थी.
योजना का कार्यान्वयन
वन विभाग के कर्मचारी घर-घर सर्वे करते हैं, उपयुक्त पौधे सुझाते हैं और सरपंच या पार्षद की अनुमति से लगाते हैं. पौधे 1 रुपये में दिए जाते हैं. 2025 में बिहार जैसे राज्यों में समान अभियानों में 5 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य है, जो हरियाणा में भी प्रेरणा दे सकता है.
उदाहरण के तौर पर, हिमाचल प्रदेश के ऊना में 2025 में ‘एक पौधा मां के नाम’ अभियान के तहत हर घर तक पांच पौधे पहुंचाए जा रहे हैं, जो भावनात्मक जुड़ाव पर जोर देता है.
योजना के लाभ
- स्वास्थ्य और पर्यावरण: वायु शुद्धि, तनाव कम और स्वास्थ्य सुधार.
- समुदाय विकास: रोजगार सृजन और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण.
- स्थिरता: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा, जैसे बिहार के जल-जीवन-हरियाली अभियान में.
यह योजना ‘हर घर हर गृहिणी योजना’ से अलग है, जो 2024 में शुरू हुई और 2025 बजट में जारी है, जिसमें बीपीएल परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिए जाते हैं.
2025 में नवीनतम स्थिति
2025 की जानकारी के अनुसार, हरियाणा में ‘हर घर हरियाली’ योजना पर विशिष्ट अपडेट सीमित हैं, संभवतः क्योंकि यह 2015 की पुरानी पहल है. हालांकि, देशभर में समान पर्यावरण अभियान चल रहे हैं, जैसे बिहार में जल-जीवन-हरियाली के तहत 2025-26 में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य और मधुबनी में 19 लाख से अधिक पौधे. यदि हरियाणा सरकार से नई घोषणाएं हों, तो वे इनसे प्रेरित हो सकती हैं. अधिक जानकारी के अभाव में, मूल योजना की संरचना बरकरार मानी जा सकती है, लेकिन पुष्टि के लिए आधिकारिक स्रोत जांचें.
यह योजना पर्यावरण संरक्षण में नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है, और यदि इसे मजबूत किया जाए, तो हरियाणा और अधिक हरा-भरा बन सकता है.